बुधवार, 30 दिसंबर 2009

कल पढ़ें ! कब मिलेगा राठौर को इंसाफ ?

1 टिप्पणी:

  1. क्या बात है सर शोभाराम जी ....आपने अपने व्यंग से शोभा का अंबार लगा दिया है। आशा करता हूं कि चिठ्ठा जगत पर आपके पोस्ट जब लोग पढ़ेंगे तो एक दब हिट साबित होगा। एक दम वैसे ही जैसे थ्री इडिएट बॉक्स ऑफिर पर हिट हो चुकी है। पहले ही हफ्ते में आपके सैकड़ों फॉलोवर बन जाएंगे। बाकी आपके प्रचार में मैं लग गया हूं...सबको कहता हूं..उळ्टी खोपड़ी पढ़ा करो...

    उत्तर देंहटाएं